कोरबा-कटघोरा(खटपट न्यूज़)। कटघोरा वनमंडल के कार्यों में ठेकेदार तथा सामानों की आपूर्ति करने वाले सप्लायरों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। परेशान होकर इन्होंने आमरण अनशन की चेतावनी डीएफओ को दे दी है।

स्थानीय ठेकेदारों एवं मटेरियल सप्लायरों ने कहा है कि वनमंडल अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए निर्माण सामग्री तथा मिक्सर मशीन, वायब्रेटर मशीन, डीजल पंप, पानी टैंकर एवं सेटरिंग सामग्री किराया पर प्रदाय किए थे जिसका भुगतान आज पर्यप्त लंबित है। इस हेतु काफी लंबे समय से मांग की जा रही है। विगत 2 माह से केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। वन परिक्षेत्राधिकारियों से भी भुगतान के लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है परंतु गोल-मोल जवाब दिया जाता है। वर्तमान में कोरोना वैश्विक महामारी के कारण आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं जिससे मशीनों की किश्त तथा मरम्मत कराने की भी समस्या आ रही है। इसके अतिरिक्त अधिनस्थ कर्मचारियों व मजदूरों का भुगतान भी नहीं कर पा रहे हैं। परिवार के भरण-पोषण के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अग्रवाल एजेंसी के संचालक अनिल अग्रवाल, महामाया सेल्स के प्रोप्राइटर मुकेश गोयल, रामशंकर बघेल, अमित इंडस्ट्रीज, रामकृष्ण अग्रवाल आदि ने डीएफओ सहित कलेक्टर, एसडीएम कटघोरा, एसडीओपी, टीआई एवं उप वनमंडलाधिकारी से निवेदन किया है कि सभी ठेकेदारों एवं सप्लायरों का भुगतान 11 अगस्त तक कर दिया जाए। भुगतान नहीं करने की स्थिति में 12 अगस्त से अपने अधीनस्थ कर्मचारियों, मजदूरों के परिवार सहित अपने परिजनों के साथ डीएफओ कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठने के लिए बाध्य होंगे।
0 कमीशन पर अटका भुगतान : नाम न छापने की शर्त पर कुछ ठेकेदार व सप्लायरों ने बताया कि करीब 2 साल पहले हुए निर्माण के भुगतान का चेक/डीडी एक निजी बैंक के नाम से काटकर रख लिया गया है। अगस्त में इसकी अवधि खत्म तो हो जाएगी लेकिन इसके पहले चेक/डीडी देने के एवज में 50 प्रतिशत कमीशन नगद की मांग ने परेशान कर दिया है। भला इतना कमीशन कोई काम करने के बाद भी कैसे दे सकेगा? वैसे भी भुगतान का एक मामला न्यायालय में विचाराधीन है जिसका जवाब देने में वन अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।

00 सत्या पाल 00(7999281136)















