एसईसीएल कर्मी ने पहली पत्नी को तलाक बगैर रचा ली दूसरी शादी, अब आ गई भूख हड़ताल की नौबत…

कोरबा-कुसमुण्डा (खटपट न्यूज)। पहली पत्नी के जीवित होते हुए एवं उसे तलाक दिए बिना दूसरा विवाह कर दस्तावेजों में कूटरचना करते हुए दूसरी पत्नी का नाम दर्ज कराने पर रोक लगाने की गुहार पहली पत्नी ने पुलिस, प्रशासन व एसईसीएल प्रबंधन से लगाई है। मामला एसईसीएल कुसमुण्डा परियोजना क्षेत्र में बेल्ट खलासी के पद पर कार्यरत मोहनलाल पटेल से संबंधित है। उसकी पहली पत्नी राजकुमारी 50 वर्ष निवासी गजरा साइड, बांकीमोंगरा ने कलेक्टर से शिकायत में बताया है कि उसका विवाह 1982 में मोहन लाल के साथ सामाजिक रीति-रिवाज से संपन्न हुआ। उनके दो पुत्र व एक पुत्री हैं। आरोप है कि पहली पत्नी के जीवित रहते हुए बिना तलाक व बिना सहमति मोहन लाल ने संतरा बाई से दूसरा विवाह कर लिया है। अपने सर्विस रिकार्ड में रद्दोबदल व कूटरचना करते हुए राजकुमारी के स्थान पर दूसरी पत्नी का नाम दर्ज करा दिए हैं। इस संबंध में सब एरिया मैनेजर कुसमुण्डा व एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से कई बार शिकायत किया गया, पर न कार्रवाई हुई न जानकारी दी गई। पीड़िता का पति दो माह बाद सेवानिवृत्त होगा और उसे भय है कि वह और उसके बच्चे अपने हक से वंचित न रह जाएं। विभाग से पति को मिलने वाली ग्रेच्युटी एवं पीएफ की राशि पर अपना हक मिलने तक रोक लगाने एवं पति के सर्विस रिकार्ड में अपना नाम वैध विवाहिता पत्नी होने की हैसियत से दर्ज कराना चाहती है।

पीड़िता राजकुमारी ने कलेक्टर, एसपी, एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के पर्सनल डायरेक्टर, सब एरिया मैनेजर कुसमुण्डा क्षेत्र को उक्त आवेदन प्रेषित कर 7 दिन के भीतर उचित कार्रवाई का आग्रह किया है अन्यथा कुसमुण्डा मेन गेट के पास भूख हड़ताल पर बैठेगी।

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