एम्स की गाइडलाइन : ब्लैक फंगस की ऐसे करें पहचान और संक्रमित होने पर यह कदम उठाएं…

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से देश में ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ गया है और कई राज्यों में ब्लैक फंगस ने कई मरीजों की जान ले ली है। ब्लैक फंगस रोग के संक्रमण को देखते हुए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिनके जरिए रोगी में ब्लैक फंगस संक्रमण की पहचान की जा सकती है। साथ में यह भी बताया गया है कि ब्लैक फंगस होने पर रोगी क्या कदम उठाएं।


0 ब्लैक फंगस संक्रमण होने के लक्ष्ण

  • नाक से काला द्रव या खून की पपड़ी निकलना
  • नाक का बंद होना
  • सिरदर्द या आंखों में दर्द
  • आंखों के आसपास सूजन आना, धूंधला दिखना, आंखे लाल होना, आंखों की रोशनी जाना, आंख खोलने और बंद करने में परेशानी महसूस करना
  • चेहरा सुन्न हो जाना, चेहरे में झुरझुरी महसूस करना
  • मुंह खोलने या किसी चीज को चबाने में परेशानी होना
    एम्स के दिशा निर्देशों के अनुसार ब्लैक फंगस के लक्ष्ण जांचने के लिए लगातार अपने चेहरे का निरीक्षण करते रहें और देखते रहें कि चेहरे पर कोई सूजन (खासकर नाक, आंख या गाल पर) तो नहीं है या फिर किसी भाग को छूने पर दर्द हो रहा हो। इसके अलावा अगर दांत गिर रहे हों या मुंह के अंदर सूजन तथा काला भाग दिखे तो सतर्क रहें।
    0 ब्लैक फंगस होने का शक हो तो क्या करें
    ब्लैक फंगस की जांच के बाद कुछ भी शक हो तो तुरंत नाक-कान-गला विशेषज्ञ(ENT) डॉक्टर से संपर्क करें
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार लगातार उपचार करवाएं
  • ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने का पूरा प्रयास करें
  • किसी अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हों तो उनकी दवाई का लगातार सेवन करते रहें
  • अपने आप किसी भी तरह की दवा का सेवन न करें
  • अगर डाक्टर सलाह दे तो एमआरआई या सीटी स्कैन करवाएं
  • ऐसे कोरोना मरीज जिनका शुगर कंट्रोल नहीं रहता, कैंसर का भी उपचार करा रहे हों, अन्य किसी रोग के लिए स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक दवा का ज्यादा मात्रा में सेवन कर रहे हों या फिर ऑक्सीजन सपोर्ट पर हों, तो उन्हें ब्लैक फंगस का ज्यादा खतरा रहता है। (साभार-एजेन्सी)
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