
कोरबा(खटपट न्यूज़)। कोरबा सुन्नी मुस्लिम जमात के अध्यक्ष हाजी अखलाक खान असरफी ने कहा कि ईद -उल-अज़हा इस्लाम धर्म का प्रमुख त्यौहार है। रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति के लगभग 70 दिनों बाद इसे मनाया जाता है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार हज़रत इब्राहिम अपने पुत्र हज़रत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा कि राह में कुर्बान करने जा रहे थे, तो अल्लाह ने उसके पुत्र को जीवनदान दे दिया जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता है ।कोरबा के शहर काज़ी डॉ. कारी सैय्यद सब्बीर अहमद अशरफी, सुन्नी मुस्लिम जमात के सेक्रेटरी जुम्मन खान रिजवी ने कहा कि चाँद की तस्दीक के लिये दो आलिमों को सुन्नी मुस्लिम जमात कोरबा की तरफ से भेजा गया था जिसकी तस्दीक व शहादत आ चुकी है इस एतेबार से 10 जुलाई दिन इतवार को ईद उल अज़हा की नमाज़ अदा की जाएगी
0 नमाज़ का समय- ईदगाह कोरबा पुरानी बस्ती सुबह 7:45 बजे
- एसईसीएल ईदगाह सुबह- 7:30 बजे
- शाही नूरानी मस्जिद बुधवारी सुबह – 8 बजे
- दारुल उलूम रज़वीया सुबह – 7:30 बजे
5.मस्जिद गौसे आजम मूड़ापार सुबह – 7:45 बजे - जामा मस्जिद कोरबा सुबह -7:15 बजे
7.आला हजरत मस्जिद गेरवाघाट सुबह – 8 बजे















