0 सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामला पर कैसे हो सकता है अपराध कायम

कोरबा। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) कोरबा महिला इंटक जिलाध्यक्ष कंचन खांडेकर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि थाना चाम्पा, जिला जांजगीर-चाम्पा के पुलिस अधीक्षक के कहने पर दिल्ली कोर्ट में लंबित राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) के मामले में धारा 419,468,469 के तहत प्रदेशाध्यक्ष दीपक दुबे पर अपराध पंजीबद्ध किया गया है जो कि भारतिय दंड संहिता सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुरूप नही होने पर अतिशीघ्र रद्द करने की मांग करते हुवे कोरबा इंटक पदाधिकारीयो द्वारा रजिस्टार सुप्रीम कोर्ट,मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, कांग्रेस कमेटी प्रदेशाध्यक्ष,पुलिस महानिदेशक, रजिस्टार हाईकोर्ट ,पुलिस निदेशक को ज्ञापन प्रेषित किया गया है।

इंटक नेता जिलाध्यक्ष अशोक जायसवाल, कुसुम सोनी,दिनेश यादव,लालबहादुर सोनवानी,युवा इंटक विक्रम यादव,संतोष यादव ने सामुहिक ब्यान जारी कर बताया कि इंटक के विवाद विगत कई वर्षों से राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्वमंत्री सासंद चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे एवं जी संजीवा रेड्डी जी के बीच चली आ रही हैं, जो सुप्रीम कोर्ट में लंबित था । अभी सुप्रीम कोर्ट में उक्त विवाद को सुलझाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट को निर्देशित कर सुनवाई करवा रहा है भारत सरकार के श्रम मंत्रालय में तीन इंटक संगठन की मान्यता है, जिसमे पूर्वमंत्री सांसद चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे एवं जी संजीवा रेड्डी व के के तिवारी के INTUC, सहित अन्य को मान्यता दिए हैं । न्यायालय मे इस पर सुनवाई पुर्ण नही हुई हैं कि इंटक का अधिकार किसको मिले किन्तु स्थानीय स्तर पर इस इंटक विवाद में सिर्फ एक पक्ष को सुनते हुवे अपराध कायम करना उच्चतम न्यायालय की अवमानना सहित, प्रदेश के स्थानीय मजदूरों के सामने स्थानीय व्यक्ति को कलंकित करने का कृत्य है, श्रमिको के नेता दीपक दुबे की राजनीतिक जीवन को धूमिल करने का प्रयास तथाकथित मजदूर नेता के कहने पर किया गया है।, उनकी शिकायत पर अपने पक्ष को रखने का अवसर भी नही दिया गया , ददई गुट इंटक को बिना नोटिस दिए, बिना ब्यान लिए अपराध कायम किया गया, जो कि व्यक्ति विशेष को न्याय पाने पर वंचित करने , भ्रष्ट आचरण करते हुवे शिकायतकर्ता के प्रभाव में आकर व्यक्ति विशेष को परेशान करना है । उच्चतम न्यायालय एवं श्रम कार्यालय रजिस्टार, ट्रेड यूनियन से यह जानकारी लेनी थी , हमारे नेता के ब्यान लेकर संतुष्टि न होने की स्थिति में , जानकारी लेकर की इंटक के विवाद क्या है न कि शिकायतकर्ता के ऑफिस से पत्र लेकर एक पक्षीय कार्यवाही करनी थी। इस एक पक्षीय कार्यवाही से जिला जांजगीर चाम्पा प्रशासन एवं पुलिस की कार्यप्रणाली व क्रियाकलापों पर संदेह होता है, जो न्यायपालिका के विरुद्ध एवं पुलिस आचरण संहिता के खिलाफ है। इंटक नेताओं ने उक्त एफआईआर धारा 419,468,469 को शून्य करने की मांग की है।
इंटक नेताओ ने बताया कि उक्त प्रशानिक अधिकारीयो एवं तथाकथित मजदूर नेता के चलते के एस के पावर नरियरा के एक श्रमिक ने आत्महत्या का प्रयास किया, इसके लिए इन लोगों द्वारा प्रताड़ित कर मरने को प्रेरित किए। पुलिस अधीक्षक ने बैठक में जोर जबरजस्ती श्रमिको को पेंशन लेने पर दबाव बनाते हुवे कहा कि लेना है तो लो नही तो संगीन धाराओं पर जेल भेज दूंगी तब श्रमिक बोले ऐसे में हमारे बीबी बच्चे मर जायेंगे तो एसपी बोली जाओ मर जाओ पर नोकरी नही मिलेगी तब राम नाथ केवट ने आत्महत्या की प्रयास किये। इस पर कलेक्टर , एसपी, श्रम पदाधिकारी वेणुगोपाल औऱ तथाकथित मजदूर नेता संजय कुमार के ऊपर मामला दर्ज करने की मांग इंटक अध्यक्ष दीपक ने की तो झूठा एफआरआई श्रम पदाधिकारी को मारने व तोड़फोड़ की दर्ज करा दी गयी।
संजय कुमार सिंह एवं ए के चतुर्वेदी पीआईएल चाम्पा के ऊपर पूर्व में आवंटित चोटिया कोल ब्लाक के ग्रामीणों ने 15 अगस्त को किसानों के खेतों, जंगलों सहित शासकीय जमीन पर करोड़ो की कोयला अवेध उत्खनन पर एफआरआई कराने नंदकुमार बघेल को ज्ञापन दिए जिसके पता चलते ही यह एकपक्षीय रिपोर्ट दर्ज की गई। यह घटना तथाकथित मजदूर नेता को संरक्षण देने वाले बड़े नेता के इशारे पर हो रहा है ।















