अवहेलना : 3 लाख के गबन की जांच का प्रमाणित प्रतिवेदन नहीं दे रहा जनपद पंचायत, आरटीआई का बन गया है मजाक


0 सचिव को जनपद अधिकारियों- कर्मचारियों का संरक्षण …?
0 वर्ष 2015 में निर्मल ग्राम योजना के 8 लाख रुपये गबन की जांच में भी सचिव को मिल चुका है अभयदान

कोरबा-पाली। पाली जनपद पंचायत की चार दिवारी के भीतर सूचना का अधिकार का कोई असर और पालन नही होता।सरकारी तंत्र के क्रियाकलापों की जानकारी आम लोगों के पहुँच में हो और भ्रष्ट्राचार पर अंकुश लग सके, इन्हीं उद्देश्यों के साथ देश मे सूचना का अधिकारअधिनियम-2005 लागू किया गया है किंतु यह कानून शायद पाली जनपद पंचायत कार्यालय में लागू नहीं होता।संभवतः यही कारण है कि आवेदकों को गुमराह किया जाता है या जानकारी नहीं दी जाती।

ज्ञात हो कि पाली जनपद अंतर्गत रतखंडी पंचायत के सचिव चंद्रिका प्रसाद तंवर द्वारा तत्कालीन महिला सरपंच श्रीमती सरस्वती देवी के फर्जी हस्ताक्षर से 16 जनवरी 2020 को 2 लाख एवं 3 फरवरी को 1 लाख की राशि 14 वे वित्त मद से आहरण कर गबन कर दिया गया। इसकी लिखित शिकायत तत्कालीन सरपंच द्वारा जनपद सीईओ से 30 जून को कर उचित कार्यवाही की मांग की गई थी।सीईओ एमआर कैवर्त द्वारा जांच हेतु टीम तो गठित किया गया लेकिन जांच के नाम पर केवल औपचारिता निभाते हुए दोषी सचिव को क्लीनचिट दे दिया गया। इसी मामले में पाली निवासी भूषण श्रीवास द्वारा जनपद पंचायत कार्यालय में 18 अगस्त 2020 को सूचना का अधिकार के तहत आवेदन देकर उक्त गबन मामले की शिकायत के आधार पर जांच टीम द्वारा किये गए जांच का प्रमाणित प्रतिवेदन की प्रति मांगा गया था। सीईओ द्वारा 26 अगस्त 2020 को डाक द्वारा भेजे गए पत्र जो आवेदक को बीते 11 सितंबर को प्राप्त हुआ, में यह उल्लेखित है कि शिकायत का जांच कर प्रतिवेदन आज दिनाँक तक कार्यालय को अप्राप्त है जिसकी जानकारी उपलब्ध कराना असंभव है अतः आवेदन को निरस्त किया जाता है। इस प्रकार आवेदक को मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

गौरतलब है कि जिस सचिव ने तत्कालीन सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर से राशि आहरण कर गबन किया, इसके पूर्व में भी सचिव द्वारा ग्राम पंचायत लाफा में दूसरे सचिव के कार्यकाल के दौरान 3 फरवरी 2015 को कटघोरा स्थित ग्रामीण बैंक शाखा में संचालित पंचायत खाता से निर्मल ग्राम योजना के तहत शौचालय निर्माण के लिए स्वीकृत 08 लाख की राशि का दो किश्तों में क्रमश प्रथम 3 लाख 90 हजार एवं द्वितीय 4 लाख 10 हजार आहरित कर गबन किया जा चुका है।इस मामले में भी ग्रामीणों द्वारा पाली जनपद कार्यालय में लिखित शिकायत किया गया था जिस पर कोई कार्यवाही नही किये जाने पर ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ को लिखित शिकायत किया था पर हुआ कुछ नहीं।

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