
-श्री सर्वेष्वरी समूह ने जरूरतमंदों को बांटे कंबल
कोरबा-बालकोनगर, (खटपट न्यूज)। बालकोनगर स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा ने अवधूत भगवान राम के अनन्य दिवस पर जरूरतमंदों को बालको प्रबंधन के सहयोग से कंबल वितरित किए। अवधूत भगवान राम सेवाश्रम में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता बालको अधिकारी श्री नीरज सिंह ने की। वार्ड क्रमांक 37 के पार्षद श्री गंगाराम भारद्वाज, बालको अधिकारी श्री अनिल मिश्रा कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के तौर पर मौजूद थे। अतिथियों ने श्री सर्वेश्वरी समूह द्वारा संचालित मानव कल्याण के 19 सूत्रीय कार्यक्रमों की प्रशंसा की। अतिथियों ने कहा कि अघोरेश्वर का मार्ग समाज को उन्नति पर ले जाने वाला मार्ग है। हम सब इसका अनुसरण कर सामाजिक, आर्थिक एवं आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर हो सकते हैं।

अनन्य दिवस के अवसर पर आश्रम परिसर में श्रमदान, गुरु पूजन, सफलयोनी पाठ और विचार गोष्ठी आयोजित हुई। इस अवसर पर शाखा मंत्री श्री संतोष शांडिल्य ने बताया कि बालको प्रबंधन के सहयोग से श्री सर्वेश्वरी समूह के स्वयंसेवकों ने आश्रम परिसर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। अनन्य दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री शांडिल्य ने बताया कि अवधूत भगवान राम को साधना के दौरान अनेक लोगों से तिरस्कार मिला। कई दिन बिना अन्न-जल के उन्हें गुजारना पड़ा। इसी क्रम में माघ कृष्ण चतुर्दशी के दिन उन्हें एक वृद्धा स्त्री के द्वारा अन्न दिए जाने पर आध्यत्मिक ज्ञान की अनुभूति हुई। उसके बाद कभी भी उन्हें जीवन में किसी भी भौतिक वस्तु की कमी नहीं हुई। वृद्धा स्त्री को अवधूत भगवान राम ने मां अन्नपूर्णा का अवतार मानते हुए समाज से मिलने वाली सभी भौतिक वस्तुओं को समाज कल्याण के लिए अर्पित कर दिए। इसलिए प्रति वर्ष माघ कृष्ण चतुर्दशी को अनन्य दिवस के तौर पर मनाया जाता है। श्री शांडिल्य ने बताया कि अनन्य दिवस देश भर में समस्त सर्वेश्वरी समूह शाखाओं में धूमधाम से आयोजित किया जाता है। वर्तमान में विभिन्न आयोजन कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए संपन्न किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के आयोजन में श्री सर्वेश्वरी समूह के पदाधिकारी श्री संजय मालगे, श्री सत्येंद्र दुबे और श्री राजकृष्ण त्रिवेदी ने उत्कृष्ट योगदान दिया। श्री अशोक कुमार, श्री राधेश्याम, श्री गुलाबचंद्र, श्रीमती राजकुमारी देवांगन, श्रीमती विंध्यवासिनी, श्रीमती किरण सिंह ने आयोजन में सक्रिय भागीदारी की।















