Friday, March 27, 2026
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अभिलेख दुरुस्ती के 6 साल बाद मालिक का नाम गायब…!

0 कोरबा पटवारी हल्का का मामला
कोरबा(खटपट न्यूज़)। कोरबा जिले के राजस्व अमला के कामकाज को लेकर अक्सर विवाद होते रहे हैं। मनमानी और विवादित कार्यशैली के कारण जमीन आधिपत्य संबंधी विवाद भी सामने आते हैं। विवादों के निराकरण के बाद भी राजस्व अमला अभिलेख दुरुस्तीकरण के प्रति गंभीरता नहीं दिखाता जिसका खामियाजा विवाद खत्म होने के बाद भी पक्षकारों को भुगतना पड़ जाता है।
एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें 6 साल पहले तो रिकार्ड दुरुस्त किया गया किन्तु वर्तमान रिकार्ड में उसका नाम गायब दिख रहा है।

वर्तमान

प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 कोरबा द्वारा पारित आदेश अनुसार आवेदिका निर्मला यादव को वाद भूमि व मकान खसरा नंबर 322/2 रकबा, 1.04 एकड़ ग्राम कोरबा में स्थित भूमि की स्वामिनी व आधिपत्यधारी घोषित किया गया। व्यवहारवाद का निर्णय 1 अक्टूबर 2014 को किया जाकर उक्त भूमि से अनावेदिका हुलसी भाई पति धनऊराम का नाम विलोपित कर इसके स्थान पर श्रीमती निर्मला यादव पति ज्योतिभूषण यादव के नाम पर नामांतरण का आदेश पारित किया गया। हल्का पटवारी/भुईंया प्रभारी को उक्त पारित आदेशानुसार अभिलेख दुरुस्त करने के संबंध में न्यायालय तहसीलदार कोरबा के द्वारा 31 अगस्त 2015 को आदेश जारी किया गया। हल्का नंबर-9 कोरबा के पटवारी एवं भुईंया शाखा प्रभारी एमपी लहरे को अभिलेख दुरुस्त करने निर्देशित कर पालन प्रतिवेदन 7 दिवस के भीतर न्यायालय तहसीलदार कोरबा में अनिवार्यत: प्रस्तुत करने कहा गया था।
इस आदेश के पालन में राजस्व विभाग द्वारा अभिलेख दर्ज करना उल्लेख तो किया गया है लेकिन आज दिनांक तक बी-1 रिकार्ड में भू-स्वामी का नाम, उसके पिता का नाम दर्ज ही नहीं किया गया। जाति वर्ग सामान्य लिखा गया है जबकि यादव पिछड़ा वर्ग में आते हैं। बी-1 के अंत में डिजिटल हस्ताक्षर चक्रधर सिंह सिदार, दिनांक 16.04.2020 दर्ज है।  

6 साल पहले

गंभीर बात यह है कि उक्त आदेश के पालन में ऋण पुस्तिका में सुधार कर हुलसी बाई का नाम काटकर निर्मला यादव दर्ज करने की कार्रवाई सितंबर 2015 में की गई। नक्शा में भी 29 अक्टूबर 2015 को नाम दुरुस्त कर श्रीमती निर्मला देवी पति ज्योतिभूषण यादव दर्ज किया गया। बी-1 किस्तबंदी खतौनी में भी नाम 21 अक्टूबर 2015 की स्थिति में निर्मला देवी के नाम पर उक्त जमीन दर्ज रही किन्तु 2019-2020 के बी-1 रिकार्ड में उक्त भूमि के स्वामी और पिता का नाम गायब हो गया है जो अब तक निरंक हैं। आखिर बी-1 रिकार्ड से निर्मला देवी का नाम क्यों और कैसे गायब हुआ, यह जांच का विषय है। राजस्व अमले की लापरवाही का यह पहला नमूना नहीं है बल्कि इसके पहले भी गंभीर त्रुटियां उजागर हुईं हैं।
0 तकनीकी त्रुटि हुई होगी : तहसीलदार
इस मामले से अवगत कराने पर तहसीलदार सुरेश कुमार साहू ने कहा कि कुछ तकनीकी समस्या आ गई होगी। त्रुटि सुधार के लिए आवेदन दे दिया जाए तो सुधार कर दिया जाएगा।

00 सत्या पाल 00 (7999281136)

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