Monday, March 23, 2026
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अप्रेन्टिस की मौत, एसईसीएल अधिकारी के विरुद्ध कंडक्ट डिसिप्लिन रूल के तहत कार्रवाई की जाए, न्यायिक जांच की भी मांग…

कोरबा(खटपट न्यूज़)। कोयला श्रमिक सभा के पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष विनोद सिन्हा ने जारी एक बयान में एसईसीएल गेवरा वर्कशॉप में ट्रेनी अपरेंटिस हीरालाल घृतलहरें मौत की जांच विभागीय जांच के अतिरिक्त न्यायिक जांच की मांग की है।

विनोद सिन्हा

उन्होंने बताया कि ट्रेनी अपरेंटिसो को विभागीय फीटर, ऑपरेटर या फोरमैन के अधीन काम सिखाने का कार्य होना चाहिए था, लेकिन एसईसीएल में ट्रेनी अपरेंटिसो को स्थाई कर्मचारियों की तरह ऑपरेटर, फिटर का काम लेना श्रम कानूनों का उल्लंघन है। साथ ही साथ कोयला खदानों में आए दिन कार्यस्थल पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही है । विभाग द्वारा केवल जांच की खानापूर्ति करते हुए मामले को ठंडे बस्ते में डाल देना तथा जिम्मेदार कोयला अधिकारियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई न करना भी दुर्घटना को आमंत्रण एवं बढ़ावा मिल रहा है। ट्रेनी अप्रेंटिस हीरालाल धृतलहरें की मृत्यु को एक सामान्य दुर्घटना दिखाने का प्रयास किया जा रहा है जो मनावता श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
सिन्हा ने आगे बताया कि खदानों के अंदर दुर्घटना या अन्य मामलों में संबंधित कर्मचारियों को स्टैंडिंग ऑर्डर के तहत तुरंत चार्ज शीट

थमा दी

जाती है लेकिन दुर्घटना होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कंडक्ट डिसिप्लिन एंड अपील रूल 1978 के तहत अधिकारियों के विरुद्ध जांच हेतु चार्ज शीट नहीं दिया जाता है जिसके कारण अधिकारी आए दिन कार्यस्थल पर संबंधित मजदूरों से डिग्नेशन के विपरीत कार्य करा कर श्रम कानूनों का उल्लंघन होते रहा है। अधिकारियों के विरुद्ध कंडक्ट डिसएप्ल एंड अपील रूल 1978 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई नहीं होने से दुर्घटना बढ़ रही है जिस पर सी.एम. डी. एवं कोल इंडिया चेयरमैन एवं डीजेएमएस को विशेष रुप से ध्यान देने की जरूरत है।
सिन्हा ने आगे बताया कि ट्रेनी अपरेंटिस को कार्यस्थल पर दुर्घटना में हुई मौत पर नौकरी देने का प्रावधान नहीं है जो गलत है ।इस प्रावधान में सुधार करते हुए ट्रेनी के उत्तराधिकारी यों को नौकरी दी जाए ताकि उनका परिवार भरण पोषण हो सके।

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