
रायपुर
रोजाना आठ सौ से एक हजार तक के मरीजों का दबाव सह रहे रायपुर जिले में मरीजों की संख्या दो से तीन सौ तक पहुंचने के बाद एम्स और आंबेडकर अस्पताल में भी मरीजों का लोड कम हो गया है। दोनों अस्पतालों में गंभीर स्थिति वाले मरीज ही अपना इलाज करवा रहे हैं। वर्तमान में एम्स में 250 और आंबेडकर अस्पताल में 367 बेड खाली हैं। राजधानी के चार कोविड सेंटरों में तो मरीजों की संख्या शून्य तक पहुंच गई है। कोरोनाकाल में इलाज के लिए लोगों को एम्स सर्वाधिक उपयुक्त लगता है, जिसकी वजह से वहां मरीजों की संख्या अधिक रहती थी और जरूरतों को देखते हुए वहां मरीजों के लिए कोविड आइसोलेशन वार्ड का विस्तार करते हुए बिस्तरों की संख्या पांच सौ तक कर दी गई थी। जिले में मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से एम्स के साथ आंबेडकर अस्पताल का कोविड वार्ड, माना के कोविड अस्पताल तथा अन्य कोविड सेंटरों में भी मरीजों की संख्या अधिक हो गई थी और यह अनुमान लगाया जा रहा था कि कोविड सेंटरों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता होगी, लेकिन पिछले पंद्रह दिनोें से पॉजिटिव केस कम होने और उतनी ही संख्या में लोगों के स्वस्थ होने की वजह से अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम होती चली गई। वर्तमान में एम्स, आंबेडकर अस्पताल और माना में आधा या उससे अधिक बिस्तर खाली हैं और वहां मरीजों के इलाज के लिए रहने वाला दबाव भी कम हो गया है। सोमवार तक की स्थिति के अनुसार एम्स में लगभग ढाई सौ मरीज, आंबेडकर अस्पताल में 367, माना के कोविड अस्पताल में 67 कोविड पॉजिटिव का इलाज चल रहा है।















